दुनिया के वे देश जहाँ कारों से ज्यादा चलती हैं मोटरसाइकिलें
पूरी दुनिया में आवागमन के साधनों में बदलाव आ रहा है, लेकिन कुछ देश ऐसे हैं जहाँ आज भी दोपहिया वाहनों यानी मोटरसाइकिलों और स्कूटरों का दबदबा कायम है। अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के कई देशों में कारों की तुलना में बाइक का उपयोग कहीं अधिक किया जाता है। इसके पीछे मुख्य कारण वहां की भौगोलिक स्थिति, संकरी सड़कें, अधिक जनसंख्या और बाइक का किफायती होना है। News18 की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया के देश इस सूची में सबसे ऊपर हैं, जहाँ बाइक केवल एक वाहन नहीं बल्कि जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।
वियतनाम: मोटरसाइकिलों का वैश्विक केंद्र
वियतनाम को अक्सर ‘दुनिया की मोटरसाइकिलों की राजधानी’ कहा जाता है। यहाँ की लगभग 86 प्रतिशत आबादी के पास अपनी बाइक है। वियतनाम के बड़े शहरों जैसे हनोई और हो ची मिन्ह सिटी की सड़कों पर कारों से कहीं ज्यादा बाइक नजर आती हैं। संकरी गलियों और भारी ट्रैफिक के बीच बाइक यहाँ सबसे तेज और किफायती साधन साबित होती है। रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ हर घर में औसतन दो से तीन मोटरसाइकिलें होती हैं, जो इसे दुनिया में सबसे अधिक बाइक घनत्व (Bike Density) वाला देश बनाती हैं।
थाईलैंड और इंडोनेशिया: दोपहिया वाहनों पर निर्भर अर्थव्यवस्था
थाईलैंड और इंडोनेशिया भी इस सूची में काफी आगे हैं। थाईलैंड में लगभग 87 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक मोटरसाइकिल है। यहाँ की ‘मोटरसाइकिल टैक्सी’ पूरी दुनिया में मशहूर है। इंडोनेशिया की बात करें तो यहाँ का विशाल भूगोल और द्वीपों के बीच की संकरी सड़कें बाइक को सबसे व्यावहारिक विकल्प बनाती हैं। जकार्ता जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए लोग कारों के बजाय स्कूटर को प्राथमिकता देते हैं। इन देशों में Honda और Yamaha जैसे ब्रांडों का एकछत्र राज है।
भारत: दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर मार्केट
भारत दुनिया में मोटरसाइकिलों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। भारत में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बाइक परिवहन का सबसे मुख्य साधन है। कम कीमत, अधिक माइलेज और आसान मेंटेनेंस की वजह से भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बाइक की पैठ बहुत गहरी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 47 प्रतिशत परिवारों के पास मोटरसाइकिल है। Hero MotoCorp, Honda और TVS जैसे ब्रांड्स ने भारतीय बाजार की जरूरतों को समझते हुए किफायती और मजबूत बाइक्स पेश की हैं, जो इसे इस सूची में एक प्रमुख स्थान दिलाती हैं।
मलेशिया और ताइवान: विकसित देशों में बाइक का क्रेज
मलेशिया और ताइवान जैसे विकसित एशियाई देशों में भी बाइक का उपयोग बहुत अधिक है। ताइवान में प्रति 1,000 लोगों पर मोटरसाइकिलों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। यहाँ की संकरी गलियों और पार्किंग की समस्या ने लोगों को स्कूटर की ओर प्रेरित किया है। मलेशिया में भी बेहतर हाईवे नेटवर्क होने के बावजूद लोग छोटी दूरी और ऑफिस जाने के लिए बाइक का उपयोग करना पसंद करते हैं। इन देशों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों (EV Scooters) का चलन भी अब तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बाइक संस्कृति के पीछे के आर्थिक और सामाजिक कारण
दुनिया के इन देशों में बाइक के प्रति इस दीवानगी के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं। कार की तुलना में बाइक की कीमत और उसका पेट्रोल खर्च बहुत कम होता है। साथ ही, घनी आबादी वाले देशों में पार्किंग की समस्या एक बड़ा सिरदर्द है, जहाँ बाइक आसानी से खड़ी की जा सकती है। इसके अलावा, कई देशों में बाइक चलाना वहां की संस्कृति और युवाओं के लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। आने वाले समय में इन देशों में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के आने से यह चलन और भी अधिक बढ़ने की उम्मीद है।









