भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ हाइब्रिड कारों की मांग में भी काफी तेजी आई है। हाइब्रिड तकनीक उन लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जो इलेक्ट्रिक कार की रेंज की चिंता (Range Anxiety) से बचना चाहते हैं और पेट्रोल कारों से कहीं ज्यादा माइलेज पाना चाहते हैं। वर्तमान में मारुति सुजुकी और टोयोटा इस सेगमेंट में सबसे आगे हैं और उन्होंने 20 लाख रुपये से कम बजट में बेहतरीन स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड एसयूवी पेश की हैं। ये गाड़ियां न केवल ईंधन की बचत करती हैं बल्कि पर्यावरण के लिए भी कम हानिकारक हैं।
Toyota Urban Cruiser Hyryder: सेगमेंट की सबसे किफायती हाइब्रिड एसयूवी
टोयोटा अर्बन क्रूजर हाईराइडर वर्तमान में भारत की सबसे सस्ती स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड एसयूवी है। इसके हाइब्रिड वेरिएंट्स की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 16.66 लाख रुपये से शुरू होती है। इसमें 1.5-litre का पेट्रोल इंजन लगा है जो एक इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी पैक के साथ मिलकर काम करता है। कंपनी का दावा है कि यह कार 27.97 kmpl तक का शानदार माइलेज देने में सक्षम है। शहर के ट्रैफिक में यह कार अक्सर केवल बैटरी मोड पर चलती है, जिससे पेट्रोल की खपत न्यूनतम हो जाती है।
Maruti Suzuki Grand Vitara: भरोसे के साथ बेजोड़ तकनीक
मारुति सुजुकी ग्रैंड वितारा तकनीकी रूप से टोयोटा हाईराइडर के समान ही है, लेकिन इसकी अपनी एक अलग पहचान है। इसके स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट्स की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 18.43 लाख रुपये से शुरू होती है। ग्रैंड वितारा में भी वही हाइब्रिड सिस्टम इस्तेमाल किया गया है जो 27.97 kmpl का माइलेज प्रदान करता है। मारुति का विशाल सर्विस नेटवर्क और स्पेयर पार्ट्स की आसान उपलब्धता इसे उन ग्राहकों के लिए एक सुरक्षित निवेश बनाती है जो भविष्य की तकनीक को अपनाना चाहते हैं।
Honda City e:HEV: सेडान सेगमेंट की एकमात्र हाइब्रिड खिलाड़ी
यदि आप एसयूवी के बजाय एक प्रीमियम सेडान पसंद करते हैं, तो Honda City e:HEV आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 19.00 लाख रुपये के आसपास है। होंडा की यह कार अपनी ‘Twin Motor’ हाइब्रिड तकनीक के लिए जानी जाती है, जो इसे चलाने में बहुत ही रिफाइंड और शक्तिशाली बनाती है। यह कार लगभग 27.13 kmpl का माइलेज देती है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें ADAS (Advanced Driver Assistance System) जैसे फीचर्स भी मिलते हैं, जो हाईवे पर सफर को सुरक्षित और आसान बनाते हैं।
हाइब्रिड तकनीक कैसे करती है काम और इसके फायदे
स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों में एक पेट्रोल इंजन के साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर और एक छोटा बैटरी पैक लगा होता है। यह सिस्टम ‘Self-charging’ होता है, यानी आपको इसे बाहर से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। जब कार चलती है या ब्रेक लगाए जाते हैं, तो बैटरी अपने आप चार्ज होती रहती है। कम रफ़्तार पर कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोड पर चलती है, जिससे शोर और प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता। भारी त्वरण (Acceleration) के दौरान इंजन और मोटर दोनों मिलकर शक्ति प्रदान करते हैं, जिससे परफॉरमेंस भी दमदार मिलती है।
कीमत, बचत और भविष्य की संभावना
हालांकि हाइब्रिड कारों की शुरुआती कीमत सामान्य पेट्रोल कारों के मुकाबले 2-3 लाख रुपये अधिक हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह घाटा पेट्रोल की बचत से पूरा हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी दैनिक ड्राइविंग 50-60 किमी है, तो एक हाइब्रिड कार आपको सालाना हजारों रुपये की बचत करा सकती है। इसके अलावा, हाइब्रिड कारों की रीसेल वैल्यू भी बाजार में बहुत अच्छी रहती है। आने वाले वर्षों में महिंद्रा और हुंडई जैसी कंपनियां भी इस सेगमेंट में प्रवेश करने वाली हैं, जिससे ग्राहकों को और भी अधिक विकल्प और प्रतिस्पर्धी कीमतें मिलेंगी।









