EV टैक्सी खरीदो, नौकरी पाओ! 50% सब्सिडी + 5 साल की नौकरी! सरकार दे रही बड़ा मौका

By mansi

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हिमाचल प्रदेश ई-टैक्सी योजना: 50% सब्सिडी और 5 साल के रोजगार की गारंटी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना’ (Rajiv Gandhi Swarozgaar Start-Up Yojana) के तहत एक क्रांतिकारी ई-टैक्सी योजना शुरू की है। 22 अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार इस योजना के जरिए न केवल युवाओं को स्वरोजगार के अवसर दे रही है, बल्कि हिमाचल को एक ‘ग्रीन स्टेट’ बनाने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए भारी वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ उनके काम की भी गारंटी ले रही है।

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50 प्रतिशत सब्सिडी और आसान लोन की सुविधा

इस योजना के तहत हिमाचल सरकार पात्र युवाओं को ई-टैक्सी (E-Taxi) खरीदने के लिए वाहन की कुल कीमत पर 50 प्रतिशत की सीधी सब्सिडी (Subsidy) प्रदान कर रही है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी इलेक्ट्रिक टैक्सी की कीमत 20 लाख रुपये है, तो सरकार लाभार्थी को 10 लाख रुपये का अनुदान देगी। शेष राशि के लिए लाभार्थियों को केवल 10 प्रतिशत का योगदान करना होगा, जबकि बाकी के 40 प्रतिशत हिस्से के लिए सरकार कम ब्याज दरों पर बैंक लोन दिलाने में मदद करेगी। इससे युवाओं पर शुरुआती निवेश का बोझ बहुत कम हो जाता है और वे आसानी से अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

5 साल के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी

योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसकी ‘रोजगार गारंटी’ (Employment Guarantee) है। सरकार ने यह अनिवार्य किया है कि इन ई-टैक्सियों को विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के साथ जोड़ा जाएगा। शुरुआती समझौते के तहत, इन टैक्सियों को 4 साल की अवधि के लिए सरकारी सेवा में लगाया जाएगा, जिसे बाद में 2 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है (कुल 5 से 6 साल)। इससे युवाओं को प्रति माह लगभग 50,000 रुपये से 60,000 रुपये की सुनिश्चित आय होगी। यह व्यवस्था उन युवाओं के लिए वरदान है जो टैक्सी खरीदने के बाद सवारी ढूंढने या बाजार की अनिश्चितता से डरते थे।

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पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। मुख्य पात्रता शर्तों के अनुसार, आवेदक की आयु 23 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए (महिलाओं के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है)। आवेदक कम से कम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए और उसके पास कम से कम 7 साल का ड्राइविंग अनुभव और एक वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। आवेदन करने के लिए युवाओं को आधार कार्ड, बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज विभागीय पोर्टल etaxihpdt.org पर अपलोड करने होंगे।

पर्यावरण संरक्षण और ‘ग्रीन कॉरिडोर’ का निर्माण

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य राज्य में बढ़ते प्रदूषण को कम करना भी है। हिमाचल सरकार ने पूरे प्रदेश में ‘ग्रीन कॉरिडोर’ (Green Corridors) स्थापित करने की योजना बनाई है, जहाँ इन ई-टैक्सियों के लिए पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से न केवल ईंधन का खर्च कम होगा, बल्कि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और संवेदनशील पर्यावरण को भी संरक्षित करने में मदद मिलेगी। सरकारी विभागों में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को ई-टैक्सी से बदलकर सरकार खुद एक उदाहरण पेश कर रही है।

आवेदन प्रक्रिया और सहायता प्रणाली

इच्छुक युवा परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एक महीने की निर्धारित अवधि के भीतर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन शुल्क मात्र 20 रुपये रखा गया है ताकि हर जरूरतमंद युवा इसमें शामिल हो सके। परिवहन विभाग ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) स्तर पर जागरूकता कैंप और ई-व्हीकल डेमो वर्कशॉप आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आवेदकों को तकनीक और रखरखाव की पूरी जानकारी मिल सके। किसी भी तरह की सहायता के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 0177-2803136 भी जारी किया है, जहाँ योजना से जुड़े हर सवाल का जवाब प्राप्त किया जा सकता है।

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