दिल्ली के सेकंड हैंड कार बाजार में बंपर विकल्प
दिल्ली-एनसीआर का सेकंड हैंड कार बाजार इन दिनों खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में पुरानी कारों के बाजार में मारुति सुजुकी, हुंडई और किया जैसे ब्रांड्स की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। चाहे आप एक छोटी बजट कार की तलाश में हों या एक प्रीमियम एसयूवी की, दिल्ली का बाजार हर बजट और जरूरत के हिसाब से ढेरों विकल्प पेश कर रहा है। कम बजट वाली हैचबैक से लेकर हाई-एंड एसयूवी तक, इस समय बाजार में कीमतों में काफी स्थिरता देखी जा रही है, जिससे यह पुरानी गाड़ी खरीदने का एक बेहतरीन समय साबित हो रहा है।
मारुति ब्रेज़ा और हुंडई क्रेटा की मांग
पुरानी एसयूवी सेगमेंट में मारुति सुजुकी ब्रेज़ा और हुंडई क्रेटा की लोकप्रियता सबसे ऊपर है। अप्रैल 2026 में दिल्ली के बाजार में मारुति ब्रेज़ा के पुराने मॉडल्स (2017-2018) की शुरुआती कीमत लगभग 3.80 लाख रुपये से शुरू होकर नए और टॉप मॉडल्स के लिए 11 लाख रुपये तक जा रही है। वहीं, हुंडई क्रेटा जैसी प्रीमियम एसयूवी की शुरुआत लगभग 4.08 लाख रुपये से हो रही है, जबकि 2022-23 के अच्छी कंडीशन वाले मॉडल्स के लिए आपको 11 लाख से 15 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। ये गाड़ियां अपनी मजबूती और अच्छी रिसेल वैल्यू के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
किया सेल्टोस और सेडान सेगमेंट का हाल
किया सेल्टोस ने भी सेकंड हैंड बाजार में अपनी एक अलग जगह बना ली है। दिल्ली एनसीआर में एक पुरानी किया सेल्टोस की शुरुआती कीमत लगभग 6.25 लाख रुपये से शुरू होती है, जो इसके मॉडल और कंडीशन के आधार पर 15 लाख रुपये से ऊपर तक जा सकती है। सेडान सेगमेंट में मारुति डिजायर (Maruti Dzire) की मांग हमेशा की तरह स्थिर बनी हुई है। पुरानी डिजायर के पेट्रोल और सीएनजी वेरिएंट्स अपनी बेहतरीन माइलेज के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों के बीच काफी हिट हैं। इसके अलावा होंडा सिटी और हुंडई वर्ना जैसी लग्जरी सेडान भी 5 लाख से 8 लाख रुपये की रेंज में काफी संख्या में उपलब्ध हैं।
बजट कारों में ऑल्टो K10 और वैगनआर
कम बजट वाले ग्राहकों के लिए मारुति सुजुकी ऑल्टो K10 और वैगनआर सबसे व्यवहारिक विकल्प साबित हो रहे हैं। दिल्ली के बाजार में पुरानी मारुति वैगनआर की शुरुआती कीमत महज 50,000 रुपये (पुराने मॉडल्स) से शुरू होती है, जबकि 2023-24 के सीएनजी मॉडल्स लगभग 4.60 लाख से 5.50 लाख रुपये के बीच मिल रहे हैं। ऑल्टो K10 की बात करें तो इसके पुराने और अच्छी स्थिति वाले मॉडल्स 2 लाख से 3.5 लाख रुपये के बीच आसानी से उपलब्ध हैं। ये छोटी गाड़ियां शहर के भारी ट्रैफिक और पार्किंग की समस्याओं को देखते हुए सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में शामिल हैं।
फाइनेंस और कागजी कार्रवाई की सुविधा
दिल्ली के सेकंड हैंड कार बाजार की एक और बड़ी खासियत यहाँ मिलने वाली फाइनेंस और लोन की आसान सुविधा है। कई बड़े डीलरशिप्स अब पुरानी कारों पर भी 5 साल तक की अवधि के लिए लोन और कम ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं। इसके साथ ही, फ्री आरसी ट्रांसफर, इंश्योरेंस सहायता और 5-दिन की ‘मनी बैक गारंटी’ जैसे ऑफर्स ने ग्राहकों का भरोसा और बढ़ा दिया है। खरीदारों को सलाह दी जा रही है कि वे गाड़ी खरीदने से पहले उसकी सर्विस हिस्ट्री और इंजन की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सके।
खरीदारी के समय ध्यान रखने योग्य बातें
दिल्ली में पुरानी गाड़ी खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सबसे पहले गाड़ी के कागजात और उसके पिछले चालान की जांच ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जरूर कर लें। इसके अलावा, डीजल गाड़ियों के मामले में दिल्ली-एनसीआर के 10 साल वाले नियम को हमेशा ध्यान में रखें, जबकि पेट्रोल गाड़ियों के लिए यह सीमा 15 साल है। बाजार में कई सर्टिफाइड डीलर उपलब्ध हैं जो गाड़ी के साथ वारंटी भी प्रदान करते हैं, जिससे आपका निवेश सुरक्षित रहता है। अपनी पसंद की गाड़ी चुनने के बाद उसकी एक लंबी टेस्ट ड्राइव जरूर लें ताकि आप उसके सस्पेंशन और गियरबॉक्स की स्थिति का सटीक अंदाजा लगा सकें।









