भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजमार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए ‘Swachh Rajmarg’ अभियान के तहत एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अप्रैल 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, यदि आप किसी टोल प्लाजा पर गंदे शौचालय देखते हैं, तो आप Rajmargyatra App के जरिए इसकी शिकायत कर सकते हैं।
शिकायत सही पाए जाने पर NHAI आपके FASTag वॉलेट में 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि क्रेडिट करेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ‘ग्राउंड-लेवल इंस्पेक्टर’ बनाकर टोल प्लाजा संचालकों की जवाबदेही तय करना है। यह पहल न केवल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाती है, बल्कि तकनीक और जन-भागीदारी के जरिए डिजिटल इंडिया के विजन को भी मजबूत करती है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और आवश्यक शर्तें
रिवॉर्ड प्राप्त करने के लिए आपको सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में Rajmargyatra App का नवीनतम संस्करण डाउनलोड करना होगा। ऐप में लॉग-इन करने के बाद आपको ‘Feedback’ या ‘Swachh Bharat Highway’ सेक्शन में जाना होगा। यहाँ आपको संबंधित टोल प्लाजा के गंदे शौचालय की कम से कम तीन स्पष्ट फोटो अपलोड करनी होंगी।
ध्यान रहे कि ये फोटो ऐप के कैमरे से ही ली जानी चाहिए और इनमें Geo-tagging (लोकेशन) और Timestamp (समय और तारीख) का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर और वाहन पंजीकरण संख्या (VRN) की सटीक जानकारी देनी होगी ताकि सत्यापन के बाद राशि सही FASTag अकाउंट में भेजी जा सके।
योजना के नियम और पात्रता का विवरण
NHAI ने इस योजना को निष्पक्ष बनाने के लिए कुछ कड़े नियम निर्धारित किए हैं। यह रिवॉर्ड केवल उन्हीं शौचालयों के लिए मान्य है जो सीधे NHAI के अधिकार क्षेत्र में आते हैं या उसके द्वारा संचालित किए जाते हैं। पेट्रोल पंप, ढाबों या अन्य निजी परिसरों में स्थित शौचालय इस योजना का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा, एक वाहन (VRN) को पूरी योजना अवधि के दौरान केवल एक बार ही यह इनाम मिल सकता है।
यदि एक ही शौचालय की शिकायत एक ही दिन में कई लोग करते हैं, तो केवल पहली वैध रिपोर्ट भेजने वाले व्यक्ति को ही ₹1,000 का क्रेडिट दिया जाएगा। किसी भी तरह की एडिटिंग या पुरानी फोटो अपलोड करने पर शिकायत रद्द कर दी जाएगी।
सत्यापन और रिवॉर्ड क्रेडिट होने की समय-सीमा
आपके द्वारा भेजी गई शिकायत का सत्यापन AI-assisted Screening और फील्ड टीम के मैनुअल निरीक्षण के जरिए किया जाता है। एक बार जब NHAI की क्षेत्रीय टीम यह पुष्टि कर देती है कि शिकायत जायज है (जैसे पानी की कमी, गंदगी, खराब फिटिंग्स या बिजली का अभाव), तो अगले 10 कार्य दिवसों के भीतर इनाम की राशि आपके लिंक किए गए FASTag वॉलेट में जमा कर दी जाती है।
इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर शिकायत का एक टिकट नंबर जेनरेट होता है, जिसे आप ऐप में ट्रैक कर सकते हैं। किसी भी सहायता या देरी की स्थिति में आप नेशनल हाईवे हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी कॉल कर सकते हैं।
राजमार्ग स्वच्छता पर इस पहल का प्रभाव
NHAI की यह योजना न केवल यात्रियों को आर्थिक लाभ देती है, बल्कि टोल संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने के लिए डेटा भी प्रदान करती है। इससे राजमार्गों पर बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। ट्रक ड्राइवरों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवारों के लिए यह एक वरदान साबित हो रहा है, क्योंकि अब शौचालय केवल बने ही नहीं रहते, बल्कि वे साफ और उपयोग के योग्य भी पाए जा रहे हैं।
यह डिजिटल गवर्नेंस का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जहाँ एक साधारण मोबाइल ऐप के माध्यम से देश के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है और नागरिकों को सीधे तौर पर स्वच्छता मिशन से जोड़ा जा रहा है।









