भारत में कुछ गाड़ियां सिर्फ एक आम वाहन नहीं होतीं, बल्कि वो इंसान की हैसियत और उसके रुतबे की पहचान बन जाती हैं। आज के समय में जब भी सड़कों पर राज करने वाली गाड़ियों की बात होती है, तो महिंद्रा थार, स्कॉर्पिओ-एन और लैंड रोवर डिफेंडर के साथ-साथ Toyota Fortuner का नाम सबसे ऊपर आता है।
यह एसयूवी अब सिर्फ बड़े राजनेताओं तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सफल बिजनेसमैन, बड़े ठेकेदारों और कलाकारों की भी पहली पसंद बन चुकी है। एक आम मिडिल क्लास युवा जब भी सड़क से गुजरती हुई फॉर्च्यूनर देखता है, तो मन ही मन सोचता है कि काश एक दिन उसके घर के बाहर भी यह गाड़ी खड़ी हो।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस भारी-भरकम गाड़ी को खरीदने और पालने के लिए आपकी महीने की सैलरी कितनी होनी चाहिए? आज हम आपको इसका पूरा गणित समझाने वाले हैं।
कितना है इस शानदार SUV का असली Price?
जब हम फॉर्च्यूनर के शोरूम Price की बात करते हैं, तो भारत में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 34.16 लाख रुपये से शुरू होकर इसके टॉप मॉडल के लिए 49.59 लाख रुपये तक जाती है।
लेकिन असली झटका आपको तब लगता है जब आप इसके ऑन-रोड प्राइस का हिसाब लगाते हैं। एक्स-शोरूम कीमत के साथ जब भारी-भरकम आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन चार्ज, रोड टैक्स और एक बड़ा प्रीमियम इंश्योरेंस जुड़ता है, तो इस गाड़ी की ऑन-रोड कीमत 40 लाख रुपये से लेकर लगभग 59 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
इतनी बड़ी रकम सुनकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन अगर आप इसे फाइनेंस कराने की सोच रहे हैं, तो इसके ईएमआई का गणित आपको और भी ज्यादा हैरान कर देगा।
डाउन पेमेंट और हर महीने की भारी-भरकम EMI
मान लीजिए कि आप दिल्ली में रहते हैं और आप फॉर्च्यूनर का सबसे शानदार टॉप मॉडल खरीदने का प्लान कर रहे हैं, जिसकी ऑन-रोड कीमत लगभग 58.80 लाख रुपये है।
नियम के अनुसार आपको कम से कम 20 प्रतिशत यानी लगभग 11.76 लाख रुपये का एकमुश्त डाउन पेमेंट अपनी जेब से करना होगा। इसके बाद बचे हुए 47.04 लाख रुपये के लिए आपको बैंक से लोन लेना पड़ेगा।
अगर आप यह लोन 5 साल (60 महीने) की अवधि के लिए 8.5 प्रतिशत के साधारण ब्याज दर पर लेते हैं, तो आपकी हर महीने की EMI लगभग 96,500 रुपये बनेगी। यानी आपको लगभग 1 लाख रुपये हर महीने सिर्फ गाड़ी की किश्त के रूप में बैंक को चुकाने होंगे।
इसे खरीदने के लिए कितनी होनी चाहिए आपकी सैलरी?
फाइनेंस और ऑटोमोबाइल सेक्टर के बड़े-बड़े विशेषज्ञों का यह साफ मानना है कि आपकी गाड़ी की कुल कीमत आपकी सालाना कमाई (Annual Income) के 50 प्रतिशत से ज्यादा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
अगर आप 59 लाख रुपये की फॉर्च्यूनर ले रहे हैं, तो आपका सालाना पैकेज कम से कम 1.18 करोड़ रुपये होना ही चाहिए। इसके अलावा, एक और सबसे जरूरी नियम यह है कि आपकी कार की मासिक किश्त (EMI) आपकी इन-हैंड सैलरी के 20 प्रतिशत हिस्से से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर आप हर महीने लगभग 1 लाख रुपये की EMI भर रहे हैं, तो आपकी महीने की सैलरी कम से कम 5 लाख रुपये होनी चाहिए।
आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि इस भारी-भरकम गाड़ी का दमदार Engine जब सड़क पर दौड़ता है, तो पेट्रोल/डीजल और इसके महंगे मेंटेनेंस का खर्च भी आम गाड़ियों से कई गुना ज्यादा होता है। इसलिए, फॉर्च्यूनर घर लाने से पहले अपनी जेब का यह पूरा गणित जरूर चेक कर लें!









